PGPMCI कार्यक्रम के स्नातकों की रोजगार-क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से, चाहे वे मॉड्यूल-1 के बाद डिप्लोमा इन बिज़नेस मैनेजमेंट (DBM) के साथ कार्यक्रम से बाहर हों या मॉड्यूल-2 पूर्ण कर MBA डिग्री प्राप्त करें, IIM विशाखापत्तनम अपनी लागत पर एक बाहरी, पेशेवर एजेंसी (आगे इसे करियर मार्गदर्शन एवं सहायता एजेंसी – CGSA कहा जाएगा) को संलग्न करेगा। इस एजेंसी की प्रकृति और दायरा इस प्रकार के मामलों में संस्थान के पूर्व अनुभवों पर आधारित होगा।
इस पहल के कार्यान्वयन के लिए, DBM के छात्र एवं MBA के छात्र अपने बीच से एक समिति का चुनाव करेंगे (जिसे करियर प्रगति सहायता समिति – CPAC-DBM या CPAC-MBA कहा जाएगा), जिसकी संख्या कक्षा की कुल क्षमता के 10% से अधिक नहीं होगी। इस निर्वाचित छात्र समिति द्वारा अपने बीच से एक प्राथमिक संपर्क बिंदु (Primary Point of Contact – PPoC) तथा एक द्वितीयक संपर्क बिंदु (Secondary Point of Contact – SPoC) का चयन किया जाएगा। PPoC और SPoC ही वे एकमात्र अधिकृत व्यक्ति होंगे जो –
- एक ओर CPAC के साथ समन्वय करेंगे, जो आगे अपने-अपने बैच के साथ समन्वय करेगा
- दूसरी ओर CGSA के साथ समन्वय करेंगे।
CGSA द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाएँ निम्नलिखित होंगी:
(इन्हें CGSA के साथ तथा व्यापक रूप से छात्रों के परामर्श से निर्धारित किया जाएगा।)
यह स्पष्ट किया जाता है कि IIMV, CPAC या CGSA की भूमिका केवल छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करने, सुविधा उपलब्ध कराने एवं/या उनकी क्षमताओं को सुदृढ़ करने तक सीमित है, और छात्रों को किसी भी प्रकार का प्लेसमेंट सुनिश्चित करने की कोई गारंटी नहीं देती है।


